About the work
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार।
राम में शिव, शिव में रघुवर, भव से तारें बारंबार॥
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, भक्ति बने जीवन का सार॥
Stanza: 1
कैलाशपति बोले मुस्काकर, "राम! तुम्हारा नाम महान।"
जिसके जप से मिटे अँधेरा, जागे अंतर का भगवान॥
रघुनंदन ने शीश झुकाया, "नाथ! तुम्हीं हो मेरे प्राण।"
तेरी कृपा से पार उतरता, भवसागर का कठिन तूफान॥
Corus:
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार॥
Stanza: 2
गंगाधर का तांडव गूँजे, ब्रह्मांडों में दिव्य प्रकाश।
राम-नाम की मधुर धुनों से, भर जाए हर हृदय-आकाश॥
जटा-जूट से बहे करुणा, सरयू गाए प्रेम-विलास।
शिव-राम के चरणों में ही, मिलता जीवन को विश्वास॥
corus:
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार॥
Stanza:3
शिव के त्रिशूल से कट जाएँ, मोह-माया के सब बंधन।
रामबाण से दूर हो जाएँ, मन के संशय, भय और क्रंदन॥
शिव हैं शांति, राम मर्यादा, दोनों ही जग के जीवन-धन।
नाम जपो तो खुल जाएँगे, मोक्ष-द्वार के दिव्य भवन॥
corus:
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार॥
Bridge: (Emotional Peak)
डमरू बोले "राम-राम", शंख सुनाए "हर हर नाम"।
कैलाश गाए, अयोध्या गाए, गूँजे सारा धाम ही धाम॥
देव, मुनि, नर, नाग सभी मिल, करते दोनों को प्रणाम।
शिव बिना राम अधूरे लगें, राम बिना सूना शिव-धाम॥
Last Stanza: (Grand Finale)
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार।
शिव हैं राम, राम हैं शंकर, यही सनातन का विस्तार॥
जय श्रीराम! जय शिवशंकर! जय-जय भोले, जय रघुवर!
हर-हर महादेव! सियावर रामचंद्र की जय॥"
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This work cannot be made available to AI systems.
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AI |
Human |
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Title Song: शिव-राम मुरली
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार।
राम में शिव, शिव में रघुवर, भव से तारें बारंबार॥
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, भक्ति बने जीवन का सार॥
Stanza: 1
कैलाशपति बोले मुस्काकर, "राम! तुम्हारा नाम महान।"
जिसके जप से मिटे अँधेरा, जागे अंतर का भगवान॥
रघुनंदन ने शीश झुकाया, "नाथ! तुम्हीं हो मेरे प्राण।"
तेरी कृपा से पार उतरता, भवसागर का कठिन तूफान॥
Corus:
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार॥
Stanza: 2
गंगाधर का तांडव गूँजे, ब्रह्मांडों में दिव्य प्रकाश।
राम-नाम की मधुर धुनों से, भर जाए हर हृदय-आकाश॥
जटा-जूट से बहे करुणा, सरयू गाए प्रेम-विलास।
शिव-राम के चरणों में ही, मिलता जीवन को विश्वास॥
corus:
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार॥
Stanza:3
शिव के त्रिशूल से कट जाएँ, मोह-माया के सब बंधन।
रामबाण से दूर हो जाएँ, मन के संशय, भय और क्रंदन॥
शिव हैं शांति, राम मर्यादा, दोनों ही जग के जीवन-धन।
नाम जपो तो खुल जाएँगे, मोक्ष-द्वार के दिव्य भवन॥
corus:
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार॥
Bridge: (Emotional Peak)
डमरू बोले "राम-राम", शंख सुनाए "हर हर नाम"।
कैलाश गाए, अयोध्या गाए, गूँजे सारा धाम ही धाम॥
देव, मुनि, नर, नाग सभी मिल, करते दोनों को प्रणाम।
शिव बिना राम अधूरे लगें, राम बिना सूना शिव-धाम॥
Last Stanza: (Grand Finale)
जय श्रीराम, जय शिवशंकर, एक ही ज्योति, दो अवतार।
शिव हैं राम, राम हैं शंकर, यही सनातन का विस्तार॥
जय श्रीराम! जय शिवशंकर! जय-जय भोले, जय रघुवर!
हर-हर महादेव! सियावर रामचंद्र की जय॥"
Work type Article
Tags song lyrics
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Registry info in Safe Creative
Identifier 2606055962621
Entry date Jun 5, 2026, 11:48 AM UTC
License Creative Commons Attribution 4.0
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Copyright registered declarations
Author. Holder Manoj Shukla. Date Jun 5, 2026.
Information available at https://www.safecreative.org/work/2606055962621-song-